हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद – कृष्ण भजन लिरिक्स

हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद – कृष्ण भजन लिरिक्स

हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद

हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण गोविंद गोविंद

गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद

रसना में अगर तेरा नाम रहे

जग में फिर नाम रहे ना रहे

मन मंदिर में घनश्याम रहे

झूठा संसार रहे ना रहे

दिन रैन हरि का ध्यान रहे

कोई और फिर ध्यान रहे ना रहे

तेरी कृपा का अभिमान रहे

कोई और अभिमान रहे ना रहे

गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद

कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण गोविंद गोविंद

गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद

मेरा यार नंदनंदन हो चुका

वह जां हो चुका वह जिगर हो चुका है

यह सच जानिए उसकी हर इक अदा पर जो कुछ पास था वो नजर हो चुका है।

जगत की सभी खुशियां मैंने छोड़ी

जो दिल था इधर अब वो उधर हो चुका है। वो उस मस्त की खुद ही लेता है खबर जो उसके लिए बेखबर हो चुका है।

हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण गोविंद गोविंद

गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविन्द

असी अपना श्याम मनावा गे

साथो जगत मनाया नहीं जांदा

असी अपना श्याम रिझावा गे

साथो जगत रिझाया नहीं जादां

असी श्याम दे हां श्याम साडा है

ऐ भेद छुपाया नहीं जा दान

इस दिल विच सूरत शाम दी ए

कोई होर वसायां नहीं जांदा

हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण गोविंद गोविंद

गोपाल राधा कृष्ण गोविंद

सारे जग दिया खुशियां इक पासे

मेरा श्याम प्यारा इक पासे

दुनिया का चानन इक पासे

मेरे श्याम दा उजियारा इक पासे

गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद

कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण गोविंद गोविंद

गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद।।