पधारो राधा संग सरकार खुले हैं मन मंदिर के द्वार पधारो राधा संग सरकार
जन्म जन्म का मैं अपराधी करना ना जानू योग समाधि
तुम कृपा करो घनश्याम पधारो राधा संग सरकार
दर-दर भटकू चैन ना पाऊं हाल में अपना किसे सुनाऊं
हरि तेरे बिना गोपाल पधारो राधा संग सरकार
कब से तेरी बाट निहारु कब आओगे तन मन वारु
मेरे गोवर्धन गोपाल पधारो राधा संग सरकार
मेरे नैनों में बस जाओ मेरे हृदय में आ जाओ
तुम आया करो गोपाल पधारो राधा संग सरकार
आप भी आओ संग ग वालों को भी लाओ मटकी फोड़ी माखन खाओ जाऊं
तुम पर मैं बलिहार पधारो राधा संग सरकार
आप भी आओ संग राधा जी को लाओ आ सत्संग में धूम मचाओ
मेरा कर दो बेड़ा पार पधारो राधा संग सरकार



