पूछ रही राधा बताओ गिरधारी मैं लगु प्यारी या बांसुरिया प्यारी – कृष्ण भजन लिरिक्स

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी मैं लगु प्यारी या बांसुरिया प्यारी – कृष्ण भजन लिरिक्स

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी मैं लगु प्यारी या बांसुरिया प्यारी

मधुबन में तूने कान्हा मुरली बजाई

सब सखियां घर-घर से बुलाई

सखियों की यारी तुम्हें लगे बड़ी प्यारी मैं लगु प्यारी या बांसुरिया प्यारी

गोकुल में छुप छुप के माखन खाए

ग्वाल बालों के संग बांट बांट खाए

अच्छी लगे तुमको तो ग्वालो की यारी मैं लगूं प्यारी या बांसुरिया प्यारी

यमुना तट पर चीर चुराए

कदम डाल पर चढ़ चढ़ कर दिखाएं सखियों को भाए शरारत तुम्हारी मैं लगूं प्यारी या बांसुरिया प्यारी

निधिवन में कान्हा मेरा रास रचाए

खुद भी नाचे सबको नचाए

हमको क्यों भूल गए मेरे गिरधारी मैं लगु प्यारी या बांसुरिया प्यारी

सारा बृज ढूंढा तो वृंदावन में छुप गए हमसे क्यों रहते हो दूर-दूर हट के

दर्शन की प्यासी है अखियां हमारी मैं लगु प्यारी या बांसुरिया प्यारी