वे श्यामा तेरे दरस दी मारी मैं जोगन हो गई हा – कृष्ण भजन लिरिक्स

वे श्यामा तेरे दरस दी मारी मैं जोगन हो गई हा – कृष्ण भजन लिरिक्स

वे श्यामा तेरे दरश दी मारी मैं जोगन हो गई हा

ओये कान्हा छड के दुनिया सारी मैं तेरी हो गई हा

वे श्यामा तेरे दरश दी………

हथ खडताला पैरी झाझर, मैं हो गई फकरा दे वागन

वे श्यामा छड के चार दीवारी, मैं बाहर खलो गई हा

वे श्यामा तेरे दरश दी……….

तेरे प्यार विच सुध-बुध खोई,शरमा वाली ला के लोई

ओये श्यामा लगया रोग अवलडा,मैं रोगन हो गई हा

वे श्यामा तेरे दरश दी………

तेरे दर ते अलख जगाई,तू ना खैर दरश दी पाई

ओये कान्हा लोकी मैनू कहन,मैं पागल हो गई हाव

वे श्यामा तेरे दरश दी………

कुंज गली विच तैनू वेखा, दरश ना लिखया तू मेरे लेखा

ओये कान्हा तेरा दीदार ना होया,ये अखियॉ रो रईया

वे श्यामा तेरे दरश दी……….